हिंदी शोध संसार

रविवार, 19 दिसंबर 2010

मुझे गर्व है कि मैं हिंदू हूं

मैं घोषणा करता हूं कि मैं एक हिंदू हूं, हिंदू इसलिए कि यह हमें स्वतंत्रता देता है, हम चाहें जैसे जिए. हम चाहें ईश्वर को माने या ना माने. मंदिर जाएं या नहीं जाएं, हम शैव्य बने या शाक्त या वैष्णव. हम चाहे गीता का माने या रामायण को, चाहे बुद्ध या महावीर

हिंदी के लिए कुछ करिए

आप अंकुर जी को जानते होंगे, नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं, यहां क्लिक करें. अंकुर भाई ने बहुत अच्छा सवाल किया, पढ़े, आपलोग हिंदी यानी अपनी मातृभाषा के लिए क्या कर रहे हैं. अंकुर भाई यानी एक कंप्यूटर गीक और खूबसूरत लड़कियों को और खूबसूरत बनाने वाले(हा..हा..हा) अंकुर भाई को लगा कि हिंदी को बढ़ावा देने या हिंदी के विकास यानी हिंदी के लिए कुछ करने के नाम पर ज्यादातर लोग बकवास ही कर रहे हैं.